वैदिक ज्योतिष पोर्टल

सटीक गणनाएं व फ्री रिपोर्ट्स

Switch to English Website
For Developers Astrology & Panchang APIs ↗

बुधवार, 17 मई 2062 का पंचांग

बुधवार, 17 मई 2062 के लिए New Delhi, Delhi, IN, India का दैनिक पंचांग, जो Astrology Divine द्वारा तैयार किया गया है, एक गहरे ज्योतिषीय मार्गदर्शक का दर्शन है। वेदीय परंपराओं में निहित इस पंचांग में तिथि (चंद्रमा का दिन), नक्षत्र (नक्षत्र), योग और करण जैसे महत्वपूर्ण तत्वों को शामिल किया गया है। New Delhi, Delhi, IN के विशेष ऊर्जा के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया यह पंचांग हिन्दू परंपराओं का पालन करने वाले व्यक्तियों के लिए एक अमूल्य साधन है। शुभ और अशुभ समयों के सटीक इंजन मिलाकर, यह दैनिक पंचांग दैहिक गतिविधियों, धार्मिक कार्यों और सांस्कृतिक घटनाओं की योजना बनाने के लिए एक विश्वसनीय साथी बन जाता है। एस्ट्रोलॉजी डिवाइन सुनिश्चित करता है कि New Delhi, Delhi, IN में बुधवार, 17 मई 2062 को एक आध्यात्मिक और समर्थ प्रवृत्ति हो।

आज का पर्व और व्रत 1 Listed
सीता नवमी
Sun & Moon Timings Grishma Ritu
सूर्योदय 05:30:02
सूर्यास्त 19:06:48
चंद्रोदय 13:40:00
चंद्रास्त 01:51:31
सूर्य राशि वृषभवृषभ
चंद्र राशि सिंहसिंह
अयाना Dakshinayana
ऋतू Grishma
पंचांग तत्व 5 Core Angas
तिथि नवमी
शुक्ल upto 09:53:18
नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
upto 22:01:14
योग व्याघात
upto 12:34:48
करण कौलव
upto 09:53:18
Vaar (Day) बुधवार (Wednesday)
हिंदू महीना और वर्ष Vedic Era
विक्रम संवती 2119 मन्मथ
शक संवती 1984 चित्रभानु
पक्ष शुक्ल Paksha
पूर्णिमांत Month ज्येष्ठ
अमांता Month ज्येष्ठ
शुभ समय (Shubh Kaal) Auspicious
अभिजीत मुहूर्त 11:54:25 – 12:42:25
अमृत काल
15:41:08 – 17:16:09
Brahma Muhurta 03:54:02 – 04:42:02
Active Auspicious Yogas Today:
रवि योग सूर्य और चंद्रमा द्वारा निर्मित एक शक्तिशाली योग। यह अशुभ प्रभावों को नष्ट करने के लिए जाना जाता है और नई शुरुआत के लिए उत्कृष्ट है।
अशुभ समय (Ashubh Kaal) Avoid New Tasks
राहु काल 12:18:25 – 14:00:30
यमघण्ट काल 07:12:07 – 08:54:13
गुलिका काल 10:36:19 – 12:18:25
दूर मुहूर्त
11:51:11 – 12:45:38
वर्ज्यम्
06:10:59 – 07:46:00
शूल और निवास Travel & Directions
दिशा शूल उत्तर
Travel Remedy Consume Sesame seeds or Mustard
चंद्र निवास पूर्व
आनंददी योग स्थिर
दैनिक लग्न कुण्डली एवं ग्रह गोचर स्थिति

सूर्योदय कालीन आकाशीय ग्रह स्थिति एवं लग्न चक्र

सूर्योदय चक्र 17 May 2062
234567891011121सूमंगुचंकेशुराबु
दैनिक लग्न चक्र (New Delhi, Delhi, IN के अनुसार)
ग्रह राशि अंश नक्षत्र (पद) गति
सूर्य वृषभवृषभ 01° 40' कृत्तिका पद 2 मार्गी (D)
चंद्र सिंहसिंह 17° 23' पूर्वा फाल्गुनी पद 2 मार्गी (D)
मंगल वृषभवृषभ 06° 57' कृत्तिका पद 4 मार्गी (D)
बुध मेषमेष 22° 23' भरणी पद 3 वक्री (R)
गुरु कर्ककर्क 08° 15' पुष्य पद 2 मार्गी (D)
शुक्र मीनमीन 24° 21' रेवती पद 3 मार्गी (D)
शनि मिथुनमिथुन 05° 20' मृगशिरा पद 4 मार्गी (D)
राहु मीनमीन 03° 57' उत्तर भाद्रपद पद 1 वक्री (R)
केतु कन्याकन्या 03° 57' उत्तरा फाल्गुनी पद 3 वक्री (R)
लग्न वृषभवृषभ 00° 35' कृत्तिका पद 2 मार्गी (D)
क्या आप पर चल रही है साढ़े साती या महादशा? अपनी जन्म कुंडली के साथ आज के गोचर का सटीक प्रभाव जानें।
व्हाट्सएप पर आज का पंचांग साझा करें

परिवार और मित्रों को आज की तिथि, नक्षत्र व शुभ मुहूर्त भेजें।

FOR DEVELOPERS वैदिक एस्ट्रो-टेक इंजन
सटीक वैदिक पंचांग गणनाएं Powered by AstroInsight API

क्या आप अपनी वेबसाइट या मोबाइल ऐप में पंचांग, कुंडली व मुहूर्त इंटीग्रेट करना चाहते हैं?

वैदिक ज्ञान एवं मार्गदर्शन

वैदिक पंचांग के 5 मुख्य अंग (पंच-अंग)

संस्कृत शब्द पंचांग दो शब्दों से बना है: पंच (पांच) + अंग (तत्व या भाग)। अपने शुभ कार्यों व दैनिक गतिविधियों को इन खगोलीय ऊर्जाओं के साथ जोड़ना सफलता, मानसिक शांति और समृद्धि लाता है।

1. तिथि (Lunar Day)

सूर्य और चंद्रमा के मध्य 12° की कोणीय दूरी को एक तिथि कहा जाता है। एक चंद्र मास में कुल 30 तिथियां होती हैं, जो शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा) और कृष्ण पक्ष (घटता चंद्रमा) में 15-15 तिथियों में विभाजित होती हैं। तिथि कार्य की भावनात्मक ऊर्जा तय करती है।

2. नक्षत्र (Lunar Mansion)

आकाश मंडल 13°20' के 27 नक्षत्रों में विभाजित है। किसी समय विशेष पर चंद्रमा जिस नक्षत्र में गोचर कर रहा होता है, वह उस समय की मानसिक वृत्ति, यात्रा, विवाह और महत्वपूर्ण कार्यों के फल को सबसे अधिक प्रभावित करता है।

3. योग (Luni-Solar Harmony)

सूर्य और चंद्रमा के निरयण देशांतर के जोड़ को 27 भागों में बांटने से 27 योग बनते हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, और रवि योग जैसे शुभ योग सभी दोषों को शांत कर कार्यों में निश्चित सफलता दिलाते हैं।

4. करण (Half Tithi)

एक तिथि के आधे भाग (6° दूरी) को करण कहा जाता है। कुल 11 करण होते हैं (4 स्थिर और 7 चर)। करण सूक्ष्म समय-खंड होता है जो व्यापार, आर्थिक निवेश, यात्रा और निर्माण कार्यों का सटीक मुहूर्त तय करता है।

5. वार (Solar Weekday)

स्थानीय सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की अवधि 'वार' कहलाती है। प्रत्येक वार के अधिष्ठाता ग्रह होते हैं (रविवार-सूर्य, सोमवार-चंद्र, मंगलवार-मंगल, बुधवार-बुध, गुरुवार-गुरु, शुक्रवार-शुक्र, शनिवार-शनि)।

राहुकाल में शुभ कार्य क्यों वर्जित हैं?

प्रतिदिन लगभग 90 मिनट की अवधि छाया ग्रह राहु के आधिपत्य में होती है। नया व्यवसाय शुरू करना, अनुबंध पर हस्ताक्षर, विवाह, गृह प्रवेश या वाहन खरीद जैसे मांगलिक कार्य राहुकाल में करने से विघ्न आने की संभावना रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दैनिक पंचांग से जुड़े सामान्य प्रश्न

हिन्दू पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ज्योतिषीय गणना से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न व उत्तर।

दृक पंचांग की गणना आधुनिक खगोलीय वेधशालाओं (NASA/JPL Ephemeris) द्वारा प्रमाणित प्रत्यक्ष आकाश में ग्रहों की वास्तविक स्थिति (चित्रापक्षीय/लाहिड़ी अयनांश) पर आधारित होती है। पारंपरिक सूर्य सिद्धांत प्राचीन औसत गति सूत्रों का उपयोग करता है। एस्ट्रोलॉजी डिवाइन शुद्ध और सटीक दृक गणित का उपयोग करता है ताकि आपको सही सूर्योदय और मुहूर्त समय मिल सके।

स्थानीय दोपहर के मध्य समय से लगभग 24 मिनट पहले और 24 मिनट बाद (कुल 48 मिनट) की अवधि को अभिजित मुहूर्त कहा जाता है। भगवान श्री हरि विष्णु के आशीर्वाद से युक्त यह मुहूर्त अधिकांश सूक्ष्म दोषों को नष्ट करने में समर्थ होता है और यात्रा, नए कार्य, गृह प्रवेश या व्यापार आरंभ करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है (बुधवार को छोड़कर)।

वैदिक ज्योतिष में दिन की गणना स्थानीय सूर्योदय से होती है। किसी स्थान के अक्षांश (Latitude), देशांतर (Longitude) और ऊंचाई के कारण वहां सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर आता है, जिससे राहुकाल, चौघड़िया और तिथि समाप्ति काल भी कुछ मिनट भिन्न होते हैं।

पूर्णिमांत कैलेंडर में महीने का अंत पूर्णिमा (Full Moon Day) पर होता है, जो मुख्य रूप से उत्तर भारतीय राज्यों (राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा) में प्रचलित है। अमान्त कैलेंडर में महीने का अंत अमावस्या (New Moon Day) पर होता है, जो गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में मान्य है।

दिशा शूल की दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि यात्रा अति आवश्यक हो, तो वार अनुसार वैदिक उपाय करके ही निकलें: रविवार (पान या घी खाकर), सोमवार (दर्पण देखकर या दूध पीकर), मंगलवार (गुड़ या धनिया खाकर), बुधवार (तिल या गुड़ खाकर), गुरुवार (दही या पीली सरसों खाकर), शुक्रवार (दही या जौ खाकर), शनिवार (अदरक या उड़द खाकर)
स्थान अनुसार वैदिक पंचांग

प्रमुख धार्मिक तीर्थ व शहरों का दैनिक पंचांग

प्रत्येक स्थान के सटीक अक्षांश (Latitude) व देशांतर (Longitude) अनुसार स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि व शुभ मुहूर्त।

Daily Morning Astrology Alerts
100% Free • No Spam

Get notified every morning with today's Tithi, Shubh Muhurat, Rahukaal and Daily Horoscope directly on your screen.

Daily Alerts Active
Delivered Every Morning 6:00 AM

You are currently subscribed to receive daily morning Panchang and Horoscope alerts on this device.