वैदिक ज्योतिष पोर्टल

सटीक गणनाएं व फ्री रिपोर्ट्स

Switch to English Website
For Developers Astrology & Panchang APIs ↗

होरा मुहूर्त रविवार, 30 अगस्त 2026 के लिए

दिन और रात्रि के 24 घंटों की ग्रहीय होरा (शुभ होराई) की सटीक गणना। जानें किस ग्रह की होरा में कौन सा कार्य करना अत्यंत शुभ एवं फलदायी होता है।

होरा मुहूर्त की गणना की जा रही है...

वैदिक होरा ज्ञान

7 ग्रहीय होरा एवं उनके फलदायी कार्य

'होरा' शब्द अहोरात्र (दिन और रात) से बना है। एक दिन में 24 होरा (लगभग 1 घंटा प्रति होरा) होती हैं। प्रत्येक होरा एक विशिष्ट ग्रह द्वारा शासित होती है:

1. सूर्य होरा (Sun Hora)

शुभ कार्य: सरकारी कार्य, नौकरी के लिए आवेदन, अधिकारियों से भेंट, प्रशासनिक निर्णय, राजनीति व पदभार ग्रहण करने के लिए सूर्य होरा अत्यंत शुभ है।

2. चंद्र होरा (Moon Hora)

शुभ कार्य: नए रिश्ते जोड़ना, महिलाओं से संबंधित कार्य, यात्रा, जल/तरल पदार्थों का व्यापार, जनसंपर्क और कलात्मक कार्यों के लिए चंद्र होरा अनुकूल है।

3. मंगल होरा (Mars Hora)

शुभ कार्य: भूमि-भवन क्रय, अचल संपत्ति सौदे, इंजीनियरिंग, खेलकूद, सेना/पुलिस संबंधित कार्य व न्यायालयी मामलों में मंगल होरा प्रभावशाली है।

4. बुध होरा (Mercury Hora)

शुभ कार्य: नया व्यवसाय शुरू करना, अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर, लेखन, प्रकाशन, लेखा-जोखा (Accounting), संचार और तकनीकी अध्ययन के लिए श्रेष्ठ है।

5. गुरु होरा (Jupiter Hora)

शुभ कार्य: विवाह, यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान, उच्च शिक्षा, वित्तीय निवेश, बड़ों का आशीर्वाद और नए अध्यात्मिक कार्यों के लिए गुरु होरा सर्वाधिक शुभ मानी जाती है।

6. शुक्र होरा (Venus Hora)

शुभ कार्य: आभूषण क्रय, वाहन खरीद, वस्त्र-परिधान, सिनेमा-संगीत, सौंदर्य प्रसाधन और प्रेम प्रसंगों के लिए शुक्र होरा अत्यंत फलदायी होती है।

7. शनि होरा (Saturn Hora)

शुभ कार्य: फैक्ट्री स्थापना, मशीनरी क्रय, तेल/खनिज का कार्य, कृषि, पुराने विवादों का निपटारा और दीर्घकालिक स्थिर कार्यों के लिए उपयुक्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होरा मुहूर्त (Shubha Horai) से जुड़े सामान्य प्रश्न

होरा की गणना, ग्रहीय प्रभाव और दैनिक जीवन में इसके उपयोग से जुड़े सवाल व जवाब।

होरा वैदिक ज्योतिष की प्राचीन समय विभाजन प्रणाली है जिसमें पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय) को 24 बराबर भागों में बांटा जाता है। दिन की पहली होरा उस वार (Day) के स्वामी ग्रह की होती है, और उसके बाद घटती कक्षीय गति के क्रम (सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल) में आगे बढ़ती है।

गुरु होरा (Jupiter), शुक्र होरा (Venus), बुध होरा (Mercury) और चंद्र होरा (Moon) को सामान्य रूप से अधिकांश मांगलिक, व्यापारिक व शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

हाँ, यदि किसी कार्य के लिए शुभ चौघड़िया (जैसे अमृत या लाभ) के साथ-साथ उस कार्य से संबंधित शुभ होरा (जैसे व्यापार के लिए बुध होरा) भी मिल जाए, तो वह कार्य अत्यंत शीघ्र और निर्विघ्न संपन्न होता है।

तमिलनाडु और दक्षिण भारतीय ज्योतिष में होरा को 'होराई' (Horai) कहा जाता है। वहां दिन के शुभ कार्यों का मुहूर्त तय करने के लिए 'शुभा होराई' (विशेषकर गुरु, शुक्र और बुध होराई) का व्यापक उपयोग किया जाता है।

हाँ, क्योंकि होरा की शुरुआत स्थानीय सूर्योदय से होती है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का समय कुछ मिनट अलग होने के कारण होरा का आरंभ और समाप्ति समय भी शहर के अनुसार बदलता है।
स्थान अनुसार वैदिक पंचांग

प्रमुख धार्मिक तीर्थ व शहरों का दैनिक पंचांग

प्रत्येक स्थान के सटीक अक्षांश (Latitude) व देशांतर (Longitude) अनुसार स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि व शुभ मुहूर्त।

प्रातः दैनिक ज्योतिष अलर्ट
100% निःशुल्क • कोई स्पैम नहीं

प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे अपने मोबाइल/डेस्कटॉप पर आज की तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं आज का राशिफल प्राप्त करें।

दैनिक अलर्ट सक्रिय हैं
प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे

आपके इस डिवाइस पर दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त व आज का राशिफल अलर्ट चालू हैं।