सूर्य के जन्म कालीन सटीक अंशों पर लौटने पर बनने वाली वर्ष कुण्डली, मुन्था स्थिति, वर्ष के स्वामी (Varsheshwar) और 365 दिनों की 12 मुद्दा दशाओं का संपूर्ण भविष्यफल जानें।
जन्म कुंडली पूरे जीवन का खाका देती है, जबकि वर्षफल उस विशिष्ट वर्ष में होने वाली घटनाओं का सूक्ष्म और सटीक विवरण देता है।
जिस क्षण सूर्य आपकी जन्म राशि और अंशों पर लौटता है, उस क्षण की सूक्ष्म लग्न कुण्डली तैयार की जाती है।
प्रत्येक वर्ष मुन्था एक राशि आगे बढ़ती है। इसके 4, 6, 7, 8 या 12वें भाव में होने पर सावधानी और 9, 10, 11 में होने पर अपार सफलता मिलती है।
पंचवर्गीय बल के आधार पर साल के राजा ग्रह का चयन होता है, जो वर्ष के मुख्य परिणाम निर्धारित करता है।
120 वर्ष की विंशोत्तरी दशा को 365 दिनों में संकुचित करके हर महीने का सटीक भविष्यफल निकाला जाता है।
सटीक वार्षिक वर्ष कुण्डली, मुन्था स्थिति और मुद्दा दशा तुरंत देखें।
ताजक नीलकंठी के प्राचीन सिद्धांतों पर आधारित वर्षफल की तीन अनिवार्य गणनाएं:
The rising sign at the exact moment the transiting Sun reaches its exact birth degree. Sets the foundational psychological and physical tone for the year.
The sensitive energetic point that moves 1 house per completed year. Shows where your focus, major challenges, and greatest rewards will concentrate.
Selected among 5 candidates (Birth Lagna Lord, Varsha Lagna Lord, Muntha Lord, Surya/Chandra Lord, and Tri-Rashi Lord) to govern your year's destiny.
वर्ष प्रवेश, मुन्था और मुद्दा दशा से जुड़े महत्वपूर्ण उत्तर।