दिन और रात्रि के शुभ-अशुभ चौघड़िया मुहूर्त (अमृत, शुभ, लाभ, चर, रोग, काल, उद्वेग) की सटीक दृक गणना आपके शहर के लिए।
चौघड़िया मुहूर्त की गणना की जा रही है...
चो-घड़िया का अर्थ है 'चार घड़ियां' (लगभग 96 मिनट)। 24 घंटे के दिन को 16 चौघड़िया (8 दिन और 8 रात) में बांटा जाता है। जानें किस चौघड़िया में कौन सा कार्य करना चाहिए:
स्वामी: चंद्रमा। यह सभी चौघड़िया में सर्वोत्तम माना जाता है। इस मुहूर्त में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य, यात्रा, शिक्षा, गृह प्रवेश और नवीन शुरुआत करना अत्यंत फलदायी होता है।
स्वामी: देवगुरु बृहस्पति। विवाह, यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान, विद्यारंभ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ है।
स्वामी: बुध ग्रह। नया व्यापार शुरू करने, दुकान का उद्घाटन, आर्थिक निवेश, बहीखाता प्रारंभ और शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए लाभ चौघड़िया लाभकारी रहता है।
स्वामी: शुक्र ग्रह। यात्रा, वाहन क्रय, स्थानांतरण, विदेश गमन और गतिशील गतिविधियों के लिए चर चौघड़िया उत्तम है। स्थिर कार्यों में इसका प्रभाव मध्यम रहता है।
स्वामी: मंगल ग्रह। इस अवधि में नए कार्य आरंभ करने से विवाद, हानि व स्वास्थ्य कष्ट होने का भय रहता है। केवल शत्रु दमन या युद्ध संबंधी कार्यों में इसका उपयोग होता है।
स्वामी: शनि देव। काल चौघड़िया में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस समय किए गए कार्यों में भारी रुकावटें, विलंब और असफलता की संभावना रहती है।
स्वामी: सूर्य देव। उद्वेग चौघड़िया में मानसिक अशांति व तनाव रहता है। इसे सामान्य शुभ कार्यों में त्याज्य माना गया है, परंतु सरकारी व प्रशासनिक कार्यों के लिए यह उपयुक्त हो सकता है।
चौघड़िया की गणना, शुभ समय और दैनिक उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल व जवाब।
प्रत्येक स्थान के सटीक अक्षांश (Latitude) व देशांतर (Longitude) अनुसार स्थानीय सूर्योदय, सूर्यास्त, तिथि व शुभ मुहूर्त।